क्यों चढ़ाया जाता है शनि भगवान को तेल नहीं जानते 98 % लोग

shani dev story in hindi

हिन्दू धर्म में शनि देव जी को तेल चढ़ाने की पुराणी परम्परा है ये सभी पीड़ा और दर्द को शांत करने का प्रतीक है।

शनि देव जी सूर्ये और छाया जी के पुत्र है और इन्हे कर्म फल दाता माना जाता है वे भगवान शिव जी के सृजन है शनि देव जी बहुत दयालो है और वे शत्रु नहीं बल्कि मित्र है वे बहुत निष्पक्ष है इसी कारण लोग इन्हे बहुत ज्यादा पूजते है और इन्हे हर शनिवार सरसो के तेल चढ़ाते है और काली दाल चढ़ाते है

एक बार हनुमान जी अपने किसी कार्य के लिए जा रहे थे तभी भगवन शनि देव जी ने उनका मार्ग रोकने की कोशिश की और खा आपको रुकना की होगा क्यों में कर्म फल दाता हू इस बात से हनुमान जी क्रोधित हो गया हनुमान जी और शनि देवजी के बीच आपस में मत भेद हो गया जिसके कारण हनुमान जी को शनि देव जी पर बहुत क्रोधित हुए उन्हों ने अपनी पूंछ से शनि देव जी को बंधी बना लिया जिसके कारण शनि देव जी को बहुत ज्यादा चोट आयी

तभी शनि देव जी ने हनुमान जी से माफ़ी मांगी और कहा के मेरे इस घाव का कोई उपाय बताये तभी हनुमान जी ने शनि देव जी से कहा के आप अपने पुरे शरीर पर यदि सरसो के तेल लगाएंगे तो यह घाव तुरंत भर जायगा /

इसलिए शनि देव जी को सरसो का तेल चढ़ाया जाता है और शनि चालीसा (shani chalisa) पड़ते है शनि मंत्र (shani mantra) को पड़ने से सारि परेशानिया दौर होती है और इसी के साथ हनुमान जी को भी पूजा जाता है क्योकि शनि देव जी और हनुमान जी बचपन से ही मित्र है हनुमान जी के गुरु शनि देव जी के पीता सूर्ये देव जी है उन्हों ने अपनी शिक्षा सूर्ये देव जी से प्राप्त की है इसलिए इस दिन उन्हें भी चमेली के तेल चढ़ाना शुभ माना जाता है

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